Thursday, July 4, 2019

What is mechanical engineering | How to become mechanical engineer

What is mechanical engineering | How to become mechanical engineer in India 

नमस्कार दोस्तों, करियर सनेडो में आपका स्वागत है। आज इस पोस्ट में बहुत ही महत्वपूर्ण टॉपिक  करने वाले है की मैकेनिकल इंजीनियरिंग क्या है ( mechanical engineering )और मैकेनिकल इंजीनियर कैसे बने। सारी जानकारी आज हम इस पोस्ट में बहुत ही गहराई से जानेंगे जिससे आपके सारे डाउट क्लियर हो जाए।


1. मैकेनिकल इंजीनियरिंग क्या है | What is a mechanical engineering

आपने न जाने कितनी बार मकेनिकल इंजीनियरिंग ( mechanical engineering ) सुना होगा। और आपको पता भी होगा की मैकेनिकल इंजीनियरिंग क्या है ( What is mechanical engineering )।  लेकिन अगर नहीं पता तो कोई बात नहीं।  दोस्तों मकेनिकल इंजीनियरिंग भी सिविल इंजीनियरिंग की तरह सबसे पुरानी इंजीनियरिंग की एक ब्रांच है, जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का एक  हिस्सा भी है। जी हां दोस्तों जाने या अनजाने में हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हर एक पहलु मैकेनिकल इंजीनियरिंग से प्रभावित होता है। क्यों की हम जो भी मशीन  और उपकरण का उपयोग करते है जैसे की गाडी, मोटर , वाटर पंप, टुल्लू, कंप्यूटर और भी कई सारी चीजे जो हम रोज उपयोग करते है उसको डिज़ाइन और डेवेलोप मैकेनिकल इंजीनियर ही करते है।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ज्यातर जनरेटर के माध्यम से इलेक्ट्रिसिटी का डिस्ट्रीब्यूशन, ऑटोमोबाइल्स, इलेक्ट्रिक मोटर, ट्रांसफार्मर्स और अन्य हेवी व्हीकल्स के बारे में पढ़ाया जाता है।

2. एक मैकेनिकल इंजीनियर कैसे बने। How to become a mechanical engineer

अगर आप मैकेनिकल इंजीनियर बनना चाहते है तो हमारे देश में कई कोर्सेज है जो करने के बाद आप मैकेनिकल इंजीनियर बन सकते है। तो आइए जानते है कौन कौन से कोर्स है और उसके लिए क्या क्या योग्यता चाहिए।
  • डिप्लोमा इन मैकेनिकल इंजीनियरिंगDiploma in mechanical engineering ) :- 10 वी कक्षा के बाद 3 साल का डिप्लोमा इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग कोर्स करके आप मैकेनिकल इंजीनियरिंग में अपना पहला कदम रख सकते है। जिसमे मैकेनिकल इंजीनियरिंग का बेसिक्स आपको पढ़ाया जाएगा। 
  • अंडरग्रेजुएट कोर्स :-  मैकेनिकल में अंडर ग्रेजुएशन में 2 कोर्सेज आते है जिसमे 1. बैचलर ऑफ़ टेक्नोलॉजी इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग ( B.Tech Mechanical ) और दूसरा 2. बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग  इन मैकेनिकल ( BE mechanical )।  दोनों कोर्स के लिए आपको 12 वी ( 12th Science ) कक्षा गणित , फिजिक्स  और केमेस्ट्री के साथ कम्पलीट किया हुआ होना चाहिए।  यह दोनों कोर्स 4 साल के होते है।  लेकिन अगर आपने डिप्लोमा इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग कोर्स कम्पलीट किया हुआ है तो आपको सीधा दूसरे साल में एडमिशन मिलेगा। 
  • पोस्ट ग्रेजुएट :-  पोस्ट ग्रेजुएशन में भी दो कोर्स होते है जिसमे 1. मास्टर ऑफ़ टेक्नोलॉजी इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग ( M. Tech Mechanical ) और 2. मास्टर ऑफ़ इंजीनियरिंग इन मैकेनिकल ( ME mechanical ). दोनों कोर्स अंडरग्रेजुएशन  के बाद किये जाते है और दोनों कोर्स 2 साल के होते है। 
  • डॉक्टोरल कोर्स ( Ph.D ) :- यह कोर्स पीएचडी कोर्स होता है जिसको करने के लिए आपको पोस्ट ग्रेजुएट होना जरुरी है। और यह कोर्स 5 साल से 8 साल का होता है। जिसमे मैकेनिकल फील्ड के कसी एक विषय में आपको स्पेशलाइजेशन करना होता है। 
तो दोस्तों हमने बात की, की आप कैसे मैकेनिकल इंजीनियर बन सकते है।  बात करते है की अगर आप मैकेनिकल इंजीनियरिंग करते है तो ऐसे कौनसे विषय है जो आपको पढ़ने ही पड़ेंगे।

3. मैकेनिकल इंजीनियरिंग के मुख्य विषय | Main Subjects in mechanical engineering :

  • कम्प्यूटेशनल फ्लुइड डायनेमिक्स एंड हीट ट्रांसफर
  • कंप्यूटर एडेड डिजाइन ऑफ़ थर्मल सिस्टम
  • फंडामेंटल्स ऑफ़ कास्टिंग एंड सॉलिडीफिकेशन
  • इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग एंड ऑपरेशन रिसर्च
  • मॉडलिंग ऑफ़ टरबूलेंट कम्बस्शन
  • प्रिंसिपल ऑफ़ वाइब्रेशन कंट्रोल
  • रेलरोड व्हीकल डायनामिक्स
  • रोबोट मैनिपुलेटर्स डायनामिक्स एंड कंट्रोल
  • ट्रांजीशन एंड टर्बुलेंस
  • वेव प्रोपेगेशन इन सोलिड्स

4. गवर्नमेंट और प्राइवेट सेक्टर में टॉप रिक्रूट्स | mechanical engineering jobs :-

मैकेनिकल इंजीनियरिंग के बाद जॉब के लिए बहुत ही बढ़िया स्कोप रहता है। जिसमे गवर्नमेंट और प्राइवेट दोनों सेक्टर में अच्छी जॉब मिल सकती है। निचे दी गई कम्पनीस मैकेनिकल इंजीनियर के लिए अच्छी खासी रिक्रूटमेंट निकालती है। 
गवर्न्मेंट सेक्टर के लिए 
  • भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (बीएचईएल)
  • नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (एनटीपीसी)
  • इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसरो)
  • डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ)
  • कोल इंडिया
  • इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया (ईसीआईएल)
  • हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल)
  • स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल)
प्राइवेट सेक्टर के लिए :-
  • टाटा मोटर्स
  • बजाज ऑटो
  • हीरो मोटोकॉर्प
  • लेलैंड मोटर्स
  • फोर्ड मोटर कंपनी
  • होंडा मोटर कंपनी
  • भाभा एटॉमिक रिसर्च सेटर (बीएआरसी)
हमने  इस पोस्ट में आपको बताया की मैकेनिकल इंजीनियरिंग क्या है। उम्मीद करता हु की आपको इस पोस्ट से जरुरी जानकारी मिली हो।  अगर अभी भी आपके दिमाग में इस पोस्ट या फिर करियर को लेके किसी भी प्रकार का प्रश्न है तो आप हमे निचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है या फिर हमारा ऑफिसियल जीमेल आईडी careersanedo@gmail.com पर भी पूछ सकते है।  हम हो सके उतना जल्दी आपको आंसर देने की कोसिस करेंगे। 
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