roadmap to success

roadmap to success | ख्वाब देखने की हिम्मत तो करे | motivational post career in Hindi

ख्वाब देखने की हिम्मत तो करे |roadmap to success

“मेरी इच्छा थी की में एयरलाइंस में पायलट बनु लेकिन मेरे मम्मी पापाने मुझे MBBS की रेस में शामिल कर दिया और में उसमे फ़ैल होने से अब में MSC कर रहा हु “

” मुझे इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में एडमिशन लेना था लेकिन मेकेनिकल में स्कोप होने की वजह  से में मेहेनिकल इंजीनियर बना और अब जॉब में मजा नहीं आ रहा है। “

” मुझे वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर बनना था लेकिन अब में फार्मसी कर रहा हु “

ऐसे तो बहुत सारे डायलॉग हमने निराशा जाहिर करते अपने सीनियरों के मुँह से सुने होंगे। एक्चुअली अब तो वो जमाना आ गया है जिसमे आप अपने करियर की चॉइस ” दिल से ” करो.

हर एक इंसान कुछ न कुछ टेलेंट या दिलचस्पी ( रूचि ) लेके ही पैदा होता है। लेकिन वो फॅमिली और सोसाइटी के तय किए हुए रास्ते पर ही अपना करियर बनाने निकल पड़ता है। अगर उसके कक्षा 10-12 में 90% के आसपास मार्क्स आते है तो वह डॉक्टर बनने के लिए साइंस रखेगा और उसमे भी बायोलॉजी रखेगा। और अगर उसे कुछ मार्क्स कम होंगे तो वह जानी मानी इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन लेने के आशय से मैथ्स रखेगा । और अगर उसके  50 से 70 प्रतिशत के आसपास मार्क्स आएँगे तो वह एवरेज या फिर निम्न इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए आगे पढाई करेगा।

अगर इंजीनियरिंग नहीं तो bsc या फिर फार्मेसी तो रेडी ही है। कॉमर्स के होशियार स्टूडेंट CA बनने के रास्ते पकड़ लेंगे। मेरे कहने का मतलब उतना ही है की पेरेंट्स  स्टूडेंट्स का करियर के लिए नकशा पहले से ही तैयार होता है। अगर बेटा या बेटी डॉक्टर या फिर अच्छी यूनिवर्सिटी में इंजीनियर, CA, मैनेजमेंट के लिए एडमिशन नहीं ले सका तो जैसे जिंदगी की एग्जाम में से बहार निकल गया हो और अब उसको आजीवन दो वक्त  खाना भी आसानी से नसीब नहीं होगा और उसको उस हद तक कोम्प्रोमाईज़ करना पड़ेगा ऐसा वातावरण बन जाता है। स्टूडेंट्स ऐसी बंधे हुए रास्ते में अपना करियर बनाते है फिर असफल हुए तो हताशा , सारे रास्ते बंद, और सोसाइटी की नजर में वो इंसान दो कोड़ी का बन जाता है।

दोस्तों मेरा मानना यह है की आपको अपना करियर उसी फील्ड में बनाना चाहिए जिसमे आपको दिलचस्पी हो। यह नहीं सोचना चाहिए की लोग मेरे बारे में क्या सोचेंगे। अगर आपको आपका पसंदीदा काम मिल रहा हे और आपको 15-25 प्रतिशत कम पैसा  फिर भी आप उस काम को चूस कीजिए। आपको बहुत सारा आनंद, संतोष तो मिलेगा ही लेकिन आप अपना बेस्ट दे सकोगे क्यों की आपका दिल वहा लगा हुआ होगा।

” थ्री इडियट्स ” फिल्म वही मेसेज तो देना चाहती थी। हमारे पेरेंट्स को समजना चाहिए की उनके अरसे में रूचि और दिलचस्पी करियर के लिए इस हद तक विकल्प नहीं हुआ करते थे। उस वक्त में कला ,शोख और टेलेंट या फिर खेल से उतनी कमाई नहीं हो सकती थी लेकिन आज बात ऐसी है की आप अपने शोख और टेलेंट को करियर में कन्वर्ट कर सकते हो।

तो दोस्तों भले ही आपने 10वी या 12वी ख़तम की है या फिर ख़तम करने वाले हो, एक बार अपने दिल और आत्मा से जरूर पूछना आपको वास्तव में करना क्या है। और अब तो ऐसे कोर्सेज कराने वाली अद्यतन संस्थाए भी है जिसमे आप एडमिशन भी ले सकते है। 

एक बार मान भी लेते है की आप डॉक्टर, CA, इंजीनियर  जैसे कोर्स में एडमिशन ले भी लेते है या उसमे आगे जाके नौकरी भी ले लेते है। फिर भी आप अपनी दिलचस्पी, टेलेंट या खेल जारी ही रखना।  उसको थोड़ा थोड़ा समय देके उसको जिन्दा रखे। सायद ये भी हो सकता है की आगे जाके उसको आप फुल टाइम करने लगो। याद रखे की सिर्फ आपको मजा आ रहा है या थकान नहीं हो रही उतना  सोचे। भगवान ने आपको कुछ खास बक्सीस दी है तो उसका कोई उद्देश्य जरूर होगा। आप यूनिक है इसलिए देश को कुछ मिलेगा। सभी लोग एक जैसा करियर बनाने की सोचेंगे तो देश का समतोल विकास नहीं होगा। 

मुझे तो इस करियर , शोख , या फिर खेल में दिलचस्पी है। दूसरे फील्ड में नहीं जमेगा। तो दोस्तों सिर्फ अपनी पसंद की फील्ड चुनने से बात ख़तम नहीं होती। असली सफर तो उसके बाद शुरू होती है। जो हम आगे आने वाले पोस्ट में देखेंगे। 

दोस्तों उम्मीद करता हु आपको यह पोस्ट पसंद आये।  और हां दोस्तों अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी तो प्लीज इसे शेयर करे और ओर लोगो को अपना करियर चुनने में हेल्प करे।  धन्यवाद। 

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